📝 HSLC Hindi (E) Paper 2025 With Answer
GROUP—A (खण्ड—क)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×4=4)
(क) ठोस सत्य सदा क्या होता है?
(ख) ईसाई धर्म को किसने अमर बनाया था?
(ग) छोटे जादूगर के बापू जी कहाँ हैं?
(घ) ‘भोलाराम का जीव’ शीर्षक कहानी का कहानीकार कौन है?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×9=18)
(क) “मुझ पर कोई खड़ा रहना पसंद नहीं करता है।” यह वाक्य कौन कहता है? खड़े रहना पसंद न करने का एक कारण लिखो।
(ख) “जरूरत है ऐसे नौजवानों की जो इस कार्य में अपने को चुपचाप खपा सकते हैं।” इसका आशय स्पष्ट करो।
(ग) ‘भोलाराम का जीव’ शीर्षक कहानी का उद्देश्य क्या है?
(घ) छोटे जादूगर के किन चारित्रिक गुणों ने लेखक को प्रभावित किया है?
(ङ) कबीर साखी में ‘कस्तूरी का मृग’ (मिरग) के जरिए क्या कहना चाहते हैं?
(च) सुंदर श्याम की आराधना करने वाली मीराँ मनुष्य को राम-नाम-रस पीने की मंत्रणा क्यों देती हैं?
(छ) कलम की ताकत क्या है?
(ज) मृत्तिका कैसे चिन्मयी शक्ति के रूप में उभरती है?
(झ) गरीबी की बीमारी के संबंध में भोलाराम की पत्नी ने नारद के सामने क्या कहा है?
“शहादत और मौन-मूक! समाज की आधारशिला यही होती है।” लेखक ने यहाँ किस समाज की आधारशिला की बात कही है, स्पष्ट करो। (4)
निम्नलिखित अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या करो : (4×2=8)
(क) जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहरे पानी में पैठ। जो बौरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ।
प्रसंग: प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘कबीर साखी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता संत कबीरदास जी हैं। इसमें कबीर ने परिश्रम और साहस का महत्व बताया है।
व्याख्या: कबीरदास जी कहते हैं कि जिन्होंने हिम्मत करके गहरे पानी में गोता लगाया, उन्होंने कुछ-न-कुछ (जैसे मोती) अवश्य पाया। लेकिन जो मूर्ख डूबने के डर से किनारे पर ही बैठा रहा, उसे कुछ भी हाथ नहीं लगा। इसका भाव यह है कि जीवन में सफलता और ज्ञान उन्हीं को मिलता है जो जोखिम उठाते हैं और कठोर परिश्रम करते हैं। जो लोग डरकर प्रयास ही नहीं करते, वे जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर पाते।
(ख) जब लागी तब कोऊँ न जाने, अब जानी संसार। किरपा कीजै, दरसन दीजै, सुध लीजै तत्काल। मीराँ कहै प्रभु गिरधर नागर चरण-कमल बलिहार।
प्रसंग: प्रस्तुत पद हमारी पाठ्यपुस्तक में संकलित ‘मीराँ के पद’ से लिया गया है। इसकी रचयिता कृष्ण-भक्त कवयित्री मीराँबाई हैं। इसमें वे अपने कृष्ण-प्रेम की तीव्रता और दर्शन की व्याकुलता व्यक्त कर रही हैं।
व्याख्या: मीराँबाई कहती हैं कि जब मुझे श्रीकृष्ण से प्रेम हुआ, तब किसी को पता नहीं चला, लेकिन अब मेरे इस प्रेम के बारे में सारा संसार जान गया है। वे प्रभु से प्रार्थना करती हैं, “हे प्रभु! अब कृपा करके मुझे दर्शन दीजिए और तुरंत मेरी सुध लीजिए (मेरा हाल जानिए)।” मीराँ कहती हैं कि हे मेरे प्रभु गिरधर नागर, मैं आपके चरण-कमलों पर न्योछावर हूँ।
(क) निम्नलिखित में से किन्हीं दो मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो : (1×2=2)
घड़ी समीप होना ; दंग रह जाना ; श्रीगणेश होना ; नौ-दो ग्यारह होना
दंग रह जाना: ताजमहल की सुंदरता देखकर विदेशी पर्यटक दंग रह गए।
श्रीगणेश होना: आज हमने अपनी नई दुकान का श्रीगणेश किया है।
(ख) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के लिंग-परिवर्तन करो : (½×4=2)
रस्सी ; श्रीमान् ; जादूगर ; वर ; स्त्री ; बालक ; मालिन ; कवि
श्रीमान् – श्रीमती
जादूगर – जादूगरनी
वर – वधू
बालक – बालिका
(ग) निम्नलिखित में से किन्हीं दो की संधि करो : (1×2=2)
अन्न+अभाव ; मनः+हर ; अनु+अय ; उत्+भव
अन्न + अभाव = अन्नाभाव
मनः + हर = मनोहर
(घ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के बहुवचन रूप बनाओ : (½×4=2)
आँख ; छाया ; बिल्ली ; कहानी ; दुकान ; औरत ; बहू ; कविता
आँख – आँखें
कहानी – कहानियाँ
दुकान – दुकानें
औरत – औरतें
(ङ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के एक-एक पर्यायवाची शब्द लिखो : (½×4=2)
जंगल ; आनंद ; आँख ; पुष्प ; हाथी ; मछली
जंगल – वन
आनंद – हर्ष
आँख – नयन
पुष्प – फूल
(च) निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक-एक शब्द लिखो (किन्हीं चार के) : (½×4=2)
विष्णु का उपासक ; जिसके हृदय में दया नहीं है ; जो विधि के विरुद्ध है ; जो लोक में संभव न हो ; जिसके पार देखा जा सके ; जिसे ईश्वर अथवा वेद पर विश्वास है
विष्णु का उपासक – वैष्णव
जिसके हृदय में दया नहीं है – निर्दयी
जो विधि के विरुद्ध है – अवैध
जिसे ईश्वर अथवा वेद पर विश्वास है – आस्तिक
(छ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के विलोमार्थक शब्द दो : (½×4=2)
आशा ; आरंभ ; निर्मल ; सूक्ष्म ; धनी ; शाप ; नीरस
आशा – निराशा
आरंभ – अंत
धनी – निर्धन
शाप – वरदान
(ज) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो को शुद्ध करो : (1×2=2)
(i) मैंने नदी देखा है।
(ii) मैं आपका दर्शन चाहता हूँ।
(iii) यह मात्र आप पर निर्भर करता है।
(i) मैंने नदी देखी है।
(ii) मैं आपके दर्शन करना चाहता हूँ।
GROUP—B (खण्ड—ख)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×5=5)
(क) हरिवंश राय ‘बच्चन’ की पठित कविता का नाम क्या है?
(ख) “दे न दुहाई पीठ फेर कर!” यहाँ ‘पीठ फेर कर’ मुहावरे का अर्थ क्या है?
(ग) महादेवी वर्मा की अपनी बिल्ली का नाम क्या था?
(घ) लक्का कबूतर चारों ओर घूम-घूम कर कौन-सी रागिनी अलापने लगे थे?
(ङ) ‘चिट्ठियों की अनूठी दुनिया’ शीर्षक लेख के रचयिता का नाम क्या है?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×8=16)
(क) हमें मधुबन तथा मदिरालय से क्या-क्या शिक्षा मिलती हैं?
(ख) ‘जो बीत गयी’ कविता में सितारे को प्रतीक बनाया गया है। वह किसका प्रतीक हो सकता है, स्पष्ट करो।
(ग) ‘कायर मत बन’ शीर्षक कविता में कवि ने कैसे जीवन को जीवन नहीं माना है?
(घ) “मानवता ने सींचा तुझको, बहा युगों तक खून-पसीना!” इसमें कवि ने मनुष्य को कौन-सा संदेश दिया है?
(ङ) “इन तीन पक्षियों ने मुझे पक्षी-प्रकृति की विभिन्नता का जो परिचय दिया है, वह मेरे लिए विशेष महत्व रखता है।” यहाँ लेखिका ने कौन-सी विभिन्नता की बात उठाई है, स्पष्ट करो।
(च) ‘नीलकंठ’ शीर्षक लेख के आधार पर ‘बड़े मियाँ’ के चरित्र की किन्हीं दो विशेषताओं को रेखांकित करो।
1. वाचालता: वे बहुत बातूनी थे और उनकी बातें कभी खत्म नहीं होती थीं।
2. व्यावसायिकता: वे एक कुशल पक्षी विक्रेता थे और अपने व्यवसाय में माहिर थे, जानते थे कि ग्राहक को कैसे आकर्षित करना है।
(छ) नीलकंठ और राधा की सबसे प्रिय ऋतु क्यों वर्षा ही थी?
(ज) महादेवी वर्मा ने मोर और मोरनी के क्या-क्या नाम रखे और वे नाम क्यों रखे थे?
‘नीलकंठ’ पाठ के आधार पर महादेवी के प्रकृति-प्रेम का परिचय दो। (5)
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखो : (8)
(क) खेल-कूद की आवश्यकता
प्रस्तावना:
“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।” यह कहावत खेल-कूद के महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। आज के आधुनिक और तनावपूर्ण जीवन में खेल-कूद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का एक अनिवार्य अंग है।
शारीरिक लाभ:
नियमित रूप से खेल-कूद में भाग लेने से हमारा शरीर सक्रिय और सुडौल बनता है। रक्त संचार सुचारू रूप से होता है, पाचन शक्ति मजबूत होती है और मांसपेशियाँ बलवान बनती हैं। खेलने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे हम अनेक बीमारियों से बचे रहते हैं। मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी समस्याओं से बचने के लिए खेल-कूद एक उत्तम उपाय है।
मानसिक लाभ:
खेल-कूद का हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। खेलने से तनाव और चिंता दूर होती है और मन प्रसन्न रहता है। मैदान में खेलते समय हमें तुरंत निर्णय लेने पड़ते हैं, जिससे हमारी निर्णय क्षमता और एकाग्रता बढ़ती है। हार और जीत को समान भाव से स्वीकार करना हमें खेल ही सिखाता है, जो जीवन की चुनौतियों का सामना करने में हमारी मदद करता है।
सामाजिक और नैतिक विकास:
खेल हमें अनुशासन, सहयोग और टीम-भावना सिखाते हैं। जब हम एक टीम के रूप में खेलते हैं, तो हम व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर टीम की जीत के लिए प्रयास करते हैं। इससे हमारे अंदर सहयोग, सहिष्णुता और नेतृत्व जैसे सामाजिक गुणों का विकास होता है। खेल के नियम हमें नियमों का पालन करना और दूसरों का सम्मान करना सिखाते हैं।
उपसंहार:
निष्कर्षतः, खेल-कूद विद्यार्थियों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह हमें न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से कुशल बनाता है। इसलिए, माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।
बाढ़ के कारण अपने विद्यालय में होने वाली पढ़ाई के नुकसान की भरपाई हेतु अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था करने के लिए प्रार्थना करते हुए प्रधान शिक्षक/प्रधान शिक्षिका को एक पत्र लिखो। (5)
श्रीमान प्रधान शिक्षक महोदय,
(अपने विद्यालय का नाम),
(विद्यालय का पता),
(शहर का नाम)।
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा दसवीं का छात्र हूँ। जैसा कि आप जानते हैं, पिछले सप्ताह शहर में आई भीषण बाढ़ के कारण विद्यालय में लगभग दस दिनों तक अवकाश रहा। इस अप्रत्याशित अवकाश के कारण हमारी पढ़ाई का बहुत नुकसान हुआ है और पाठ्यक्रम काफी पीछे रह गया है।
आपका आज्ञाकारी छात्र,
(आपका नाम)
कक्षा – X
अनुक्रमांक – (आपका रोल नंबर)
दिनांक: (आज की तारीख)
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो :
(क) हृदय की वाणी कौन-सी भाषा बनती है? (1)
(ख) अपनी भाषा की क्या-क्या विशेषताएँ होती हैं? (2)
(ग) भाषा का क्या काम है? (1)
(घ) विदेशी भाषा सीखने में व्यावहारिक दृष्टि से क्या नुकसान होता है? (1)
(ङ) उपर्युक्त गद्यांश का एक सार्थक शीर्षक दो। (1)
निम्नलिखित वाक्यों का हिन्दी में अनुवाद करो : (1×5=5)
(क) What class do you read in?
(ख) Hindi is the Official Language of India.
(ग) May I help you?
(घ) The State of Assam is full of natural resources.
(ङ) The Sun sets in the west.
📚 HSLC Hindi (E) Paper 2025 With Complete Solutions
Board Examination Paper with Detailed Answers
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