📚 Solved Question Paper 2023
Complete Hindi Question Paper with Detailed Solutions
GROUP-A (खण्ड-क)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×4=4)
(क) कबीर दास के अनुसार पण्डित कौन है ?
(ख) मीराँ ने अपने मान रखने के लिए प्रभु से क्या प्रार्थना की है ?
(ग) रामवृक्ष बेनीपुरी जी के द्वारा विरचित पठित पाठ का नाम क्या है ?
(घ) छोटे जादूगर ने जिस मैदान में जादू का प्रदर्शन किया था, उसका नाम क्या था ?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×9=18)
(क) सत्य के संबंध में बेनीपुरी जी की क्या धारणा है ?
(ख) ‘आज तुम्हारा खेल जमा क्यों नहीं है ?’ इसके उत्तर में छोटे जादूगर ने क्या कहा था ?
(ग) भोलाराम की बीमारी क्या थी ?
(घ) यमदूत ने भोलाराम के जीव के लापता होने के संबंध में क्या बताया है ?
(ङ) बच्चों के कोमल पाँवों के स्पर्श से सड़क के कौन-से भाव बनते हैं ?
(च) ‘सड़क संसार की कोई भी कहानी पूरी नहीं सुन पाती हैं ।’ क्यों ?
(छ) पठित कविता के आधार पर कलम की शक्ति को रेखांकित करो ।
(ज) मृत्तिका कब मातृरूपा बन जाती है ?
(झ) ‘तुम पुरुषार्थ करते मनुष्य हो’ – यहाँ कवि मनुष्य के संबंध में क्या कहना चाहते हैं स्पष्ट करो।
निम्नलिखित की सप्रसंग व्याख्या करो : (4×2=8)
(क) राम नाम रस पीजै मनुऔं, राम नाम रस पीजै, तब कुसंग सतसंग बैठ णित हरि चरचा सुण लीजै । काम क्रोध मद लोभ मोह कूँ, बहा चित्त सूँ दीजै । मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, ताहि के रंग में भीजै ।।
प्रसंग: प्रस्तुत पद हमारी पाठ्यपुस्तक में संकलित ‘मीराँ के पद’ से लिया गया है। इसकी रचयिता कृष्ण-भक्त कवयित्री मीराँबाई हैं। इसमें वे मनुष्य को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दे रही हैं।
व्याख्या: मीराँबाई कहती हैं कि हे मनुष्य! तुम्हें राम नाम रूपी रस का पान करना चाहिए। इसके लिए बुरी संगति को त्यागकर सत्संग में बैठो और प्रतिदिन हरि की कथा सुनो। अपने मन से काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह जैसी बुराइयों को बहा दो (निकाल दो)। मीराँ कहती हैं कि मेरे तो प्रभु गिरधर नागर (श्रीकृष्ण) हैं, उन्हीं के प्रेम के रंग में पूरी तरह से भीग जाओ।
(ख) सत गुरु की महिमा अनँत, अनँत किया उपगार । लोचन अनंत उघाड़िया, अनंत दिखावनहार ।
प्रसंग: प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘कबीर साखी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता संत कबीरदास जी हैं। इसमें गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है।
व्याख्या: कबीरदास जी कहते हैं कि सच्चे गुरु की महिमा अनंत है, उसका कोई पार नहीं है। गुरु ने मुझ पर अनंत उपकार किए हैं। उन्होंने मेरे ज्ञान के अनंत नेत्रों को खोल दिया है, जिससे मुझे उस अनंत (ईश्वर) के दर्शन हो गए हैं। भाव यह है कि गुरु ही शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं।
‘छोटा जादूगर’ शीर्षक कहानी के संदेश को स्पष्ट करो । (4)
(क) निम्नलिखित में से किन्हीं दो मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो : (1×2=2)
नौ-दो ग्यारह होना ; अपने पाँवों पर खड़ा होना ; घोड़ा बेचकर सोना ; दंग रह जाना
नौ-दो ग्यारह होना: पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गया।
अपने पाँवों पर खड़ा होना: पढ़ाई पूरी करके रमेश अब अपने पाँवों पर खड़ा होना चाहता है।
(ख) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के लिंग-परिवर्तन करो : (½×4=2)
शिक्षक ; कवि ; महिला ; श्रीमान ; नायिका ; धोबी ; बन्दर
शिक्षक – शिक्षिका
कवि – कवयित्री
श्रीमान – श्रीमती
धोबी – धोबिन
(ग) निम्नलिखित में से किन्हीं दो की संधि करो : (1×2=2)
उत् + लास ; जगत् + नाथ ; इति + आदि ; देव + ऋषि
उत् + लास = उल्लास
जगत् + नाथ = जगन्नाथ
(घ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के बहुवचन-रूप बनाओ : (½×4=2)
वस्तु ; नारी ; दवा ; लड़का ; पुस्तक ; घड़ी
वस्तु – वस्तुएँ
नारी – नारियाँ
दवा – दवाएँ
पुस्तक – पुस्तकें
(ङ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के एक-एक पर्यायवाची शब्द लिखो : (½×4=2)
कपड़ा ; पर्बत ; सरस्वती ; नदी ; आकाश ; घर ; बिजली
कपड़ा – वस्त्र
पर्बत – पहाड़
नदी – सरिता
आकाश – गगन
(च) निम्नलिखित उपसर्गों और प्रत्ययों को जोड़कर एक-एक शब्द बनाओ: (किन्हीं चार) (½×4=2)
अधि ; परा ; अनु ; आई ; ता ; पन
अधि + कार = अधिकार
परा + जय = पराजय
लिख + आई = लिखाई
लड़क + पन = लड़कपन
(छ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के विपरीतार्थक शब्द दो : (½×4=2)
निंदा ; स्थूल ; दोस्त ; विष ; धनी ; सौभाग्य ; कठिन
निंदा – प्रशंसा
स्थूल – सूक्ष्म
विष – अमृत
धनी – निर्धन
(ज) निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करो : (1×2=2)
(i) आपका दर्शन हुआ ।
(ii) वह आज घर वापस नहीं लौटा है।
(iii) आप बाहर आइए ।
(iv) मैंने रोटी खाया है।
(i) आपके दर्शन हुए।
(iv) मैंने रोटी खाई है।
GROUP-B (खण्ड-ख)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×5=5)
(क) महादेवी जी ने किसको नीलकंठ कहा है ?
(ख) “मयूर कलाप्रिय वीर पक्षी है, हिंसक मात्र नहीं ।” – इसका उदाहरण महादेवी जी ने क्या कहकर दिया है ?
(ग) महादेवी जी ने किसके लिये ‘बड़े मियाँ’ शब्दों का प्रयोग किया है ?
(घ) नरेन्द्र शर्मा द्वारा रचित पाठ्य कविता का नाम लिखो ।
(ङ) कवि ने किसे ठोकर मारने की बात कही है ?
अधोअंकित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×8=16)
(क) अपने प्रिय तारों के टूटने पर अम्बर क्यों शोक नहीं मनाता है ?
(ख) ‘जो बीत गयी’ कविता का क्या संदेश है ?
(ग) कवि ने कायरता को प्रतिहिंसा से अधिक अपवित्र क्यों कहा है ?
(घ) ‘युद्धं देहि कहे जब पामर, दे न दुहाई पीठ फेर कर !’ – यहाँ कवि क्या कहना चाहते हैं ?
(ङ) सत्य का सही तोल क्या है ? ‘कायर मत बन’ कविता के आधार पर स्पष्ट करो ।
(च) चिड़ियावाले के चरित्र की किन्हीं दो विशेषताएँ लिखो ।
1. वाचालता: वह बहुत बातूनी था और उसकी बातें किसी एक्सप्रेस ट्रेन की तरह चलती थीं।
2. व्यावसायिकता: वह अपने व्यवसाय में चतुर था और जानता था कि ग्राहकों को कैसे अपनी बातों से प्रभावित करना है।
(छ) नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे को साँप के चंगुल से कैसे बचाया था ?
(ज) जाली के बड़े घर में रहनेवाले जीव-जन्तुओं के आचरण की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करो ।
1. सामंजस्य: नीलकंठ के आने से पहले सभी जीव-जंतु मिल-जुलकर रहते थे।
2. नेतृत्व का अनुसरण: जब नीलकंठ आया, तो वह सभी का संरक्षक और शासक बन गया और सभी जीव-जंतु उसके नेतृत्व में शांति से रहते थे।
नीलकंठ की मृत्यु के पश्चात् महादेवी जी ने उसका अंतिम संस्कार कैसे किया है – स्पष्ट करो । (5)
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबंध लिखो : (8)
(घ) महात्मा गाँधी
प्रस्तावना:
महात्मा गाँधी, जिन्हें भारत “राष्ट्रपिता” के रूप में जानता है, केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। वे सत्य, अहिंसा और शांति के पुजारी थे, जिन्होंने बिना शस्त्र उठाए भारत को ब्रिटिश शासन की गुलामी से मुक्त कराया।
जीवन परिचय:
गाँधीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वकालत की पढ़ाई के लिए वे इंग्लैंड गए और बाद में दक्षिण अफ्रीका में काम किया। वहाँ उन्होंने रंगभेद की नीति के खिलाफ ‘सत्याग्रह’ का पहला सफल प्रयोग किया। 1915 में भारत लौटने के बाद उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व संभाला।
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान:
गाँधीजी ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन (नमक सत्याग्रह) और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोया और आम जनता को स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल किया। उनका ‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ का सिद्धांत उनके संघर्ष का सबसे बड़ा हथियार था, जिसने शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
विचार और सिद्धांत:
गाँधीजी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने छुआछूत, गरीबी और धार्मिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने ‘सर्वोदय’ (सबका उदय) और ‘ग्राम स्वराज्य’ का सपना देखा। उनका मानना था कि सच्चा भारत गाँवों में बसता है और देश का विकास गाँवों के विकास से ही संभव है।
उपसंहार:
महात्मा गाँधी आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके सत्य, अहिंसा और शांति के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने हमें सिखाया कि सबसे बड़ी लड़ाई भी प्रेम और शांति से जीती जा सकती है। उनका जीवन और उनके विचार हमें हमेशा एक बेहतर इंसान और एक बेहतर समाज बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
बरसात के समय विद्यालय की श्रेणी-कक्षा में खिड़कियों से पानी आकर भर जाता है, जिसके कारण श्रेणियाँ रद्द कर दी जाती हैं। इसकी शिकायत दर्ज करने हेतु विद्यालय के प्रधान शिक्षक अथवा प्रधान शिक्षिका के नाम पर उनकी मरम्मत के लिये एक प्रार्थना पत्र लिखो । (5)
श्रीमान प्रधान शिक्षक महोदय,
[अपने विद्यालय का नाम],
[विद्यालय का पता],
[शहर का नाम]।
सविनय निवेदन यह है कि हम कक्षा दसवीं के छात्र हैं। हमारी कक्षा की खिड़कियों के शीशे कई जगहों से टूटे हुए हैं। इस कारण बरसात के समय बारिश का पानी सीधा कक्षा के अंदर आ जाता है, जिससे पूरी कक्षा में पानी भर जाता है।
आपके आज्ञाकारी छात्र,
कक्षा – X के समस्त छात्र
दिनांक: [आज की तारीख]
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दो :
(क) उपर्युक्त गद्यांश का एक सार्थक शीर्षक दो । (1)
(ख) साक्षरता का अर्थ क्या है ? (1)
(ग) साक्षरता से क्या-क्या लाभ मिलते हैं ? (2)
(घ) निरक्षर व्यक्ति दुःखी क्यों होते हैं ? (1)
(ङ) पूर्ण साक्षरता के उपाय क्या-क्या हैं ? (1)
निम्नलिखित वाक्यों का अनुवाद हिन्दी में करो : (1×5=5)
(a) Hindi is the official language of India.
(b) It is also regarded as the national language of the country.
(c) It is spoken by a large number of people of India.
(d) Hindi is a simple and rich language.
(e) I can speak Hindi very well.
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