HSLC HINDI (E) 2023 – Complete Question Paper with Detailed Solutions

📚 Solved Question Paper 2023

Complete Hindi Question Paper with Detailed Solutions

GROUP-A (खण्ड-क)

(पूर्णांक : 50)
1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×4=4)

(क) कबीर दास के अनुसार पण्डित कौन है ?

उत्तर: कबीर दास के अनुसार, प्रेम के ढाई अक्षर को जो पढ़ लेता है, वही सच्चा पण्डित है।

(ख) मीराँ ने अपने मान रखने के लिए प्रभु से क्या प्रार्थना की है ?

उत्तर: मीराँ ने अपने मान रखने के लिए प्रभु से प्रार्थना की है कि वे (प्रभु) जल्दी से आकर उन्हें दर्शन दें।

(ग) रामवृक्ष बेनीपुरी जी के द्वारा विरचित पठित पाठ का नाम क्या है ?

उत्तर: रामवृक्ष बेनीपुरी जी के द्वारा विरचित पठित पाठ का नाम ‘नींव की ईंट’ है।

(घ) छोटे जादूगर ने जिस मैदान में जादू का प्रदर्शन किया था, उसका नाम क्या था ?

उत्तर: छोटे जादूगर ने जिस मैदान में जादू का प्रदर्शन किया था, उसका नाम कार्निवाल था।
2

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×9=18)

(क) सत्य के संबंध में बेनीपुरी जी की क्या धारणा है ?

उत्तर: बेनीपुरी जी की धारणा है कि सत्य कठोर और ठोस होता है। यह केवल तर्क पर नहीं, बल्कि अनुभव पर आधारित होता है और उसे प्राप्त करने के लिए कठोर साधना करनी पड़ती है।

(ख) ‘आज तुम्हारा खेल जमा क्यों नहीं है ?’ इसके उत्तर में छोटे जादूगर ने क्या कहा था ?

उत्तर: इसके उत्तर में छोटे जादूगर ने कहा था कि उसकी माँ बीमार है और उसने कहा है कि आज जल्दी घर चले आना, क्योंकि उसकी घड़ी समीप है।

(ग) भोलाराम की बीमारी क्या थी ?

उत्तर: भोलाराम की बीमारी गरीबी थी। उसे कोई वास्तविक बीमारी नहीं थी, बल्कि गरीबी के कारण वह कमजोर हो गया था और उसकी मृत्यु हो गई।

(घ) यमदूत ने भोलाराम के जीव के लापता होने के संबंध में क्या बताया है ?

उत्तर: यमदूत ने बताया कि भोलाराम का जीव उसके चंगुल से छूटकर कहीं गायब हो गया। उसने पूरी पृथ्वी छान मारी, पर वह कहीं नहीं मिला।

(ङ) बच्चों के कोमल पाँवों के स्पर्श से सड़क के कौन-से भाव बनते हैं ?

उत्तर: बच्चों के कोमल पाँवों के स्पर्श से सड़क को ऐसा महसूस होता है जैसे कोई उसके घावों पर मरहम लगा रहा हो और उसे गुदगुदी हो रही हो।

(च) ‘सड़क संसार की कोई भी कहानी पूरी नहीं सुन पाती हैं ।’ क्यों ?

उत्तर: सड़क संसार की कोई भी कहानी पूरी नहीं सुन पाती क्योंकि लोग उस पर चलते हुए अपनी बातें अधूरी ही छोड़ कर चले जाते हैं और सड़क को कहानी का अंत पता नहीं चल पाता।

(छ) पठित कविता के आधार पर कलम की शक्ति को रेखांकित करो ।

उत्तर: पठित कविता के अनुसार, कलम की शक्ति अपार है। यह समाज में विचारों की क्रांति ला सकती है, दिलों को जोड़ सकती है, और ज्ञान का प्रकाश फैला सकती है। इसकी ताकत तलवार से भी अधिक है क्योंकि यह मन और मस्तिष्क पर स्थायी प्रभाव डालती है।

(ज) मृत्तिका कब मातृरूपा बन जाती है ?

उत्तर: जब कुम्हार मिट्टी को अपने सृजन से एक नया रूप (जैसे घड़ा) देता है और वह मिट्टी मानव जाति की प्यास बुझाकर उसकी सेवा करती है, तब वह मातृरूपा बन जाती है।

(झ) ‘तुम पुरुषार्थ करते मनुष्य हो’ – यहाँ कवि मनुष्य के संबंध में क्या कहना चाहते हैं स्पष्ट करो।

उत्तर: यहाँ कवि कहना चाहते हैं कि मनुष्य की पहचान उसके पुरुषार्थ (परिश्रम और साहस) से होती है। उसे किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए और न ही किसी के आगे दया की भीख मांगनी चाहिए, बल्कि संघर्ष करके अपना मार्ग स्वयं बनाना चाहिए।
3

निम्नलिखित की सप्रसंग व्याख्या करो : (4×2=8)

(क) राम नाम रस पीजै मनुऔं, राम नाम रस पीजै, तब कुसंग सतसंग बैठ णित हरि चरचा सुण लीजै । काम क्रोध मद लोभ मोह कूँ, बहा चित्त सूँ दीजै । मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, ताहि के रंग में भीजै ।।

उत्तर:

प्रसंग: प्रस्तुत पद हमारी पाठ्यपुस्तक में संकलित ‘मीराँ के पद’ से लिया गया है। इसकी रचयिता कृष्ण-भक्त कवयित्री मीराँबाई हैं। इसमें वे मनुष्य को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दे रही हैं।

व्याख्या: मीराँबाई कहती हैं कि हे मनुष्य! तुम्हें राम नाम रूपी रस का पान करना चाहिए। इसके लिए बुरी संगति को त्यागकर सत्संग में बैठो और प्रतिदिन हरि की कथा सुनो। अपने मन से काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह जैसी बुराइयों को बहा दो (निकाल दो)। मीराँ कहती हैं कि मेरे तो प्रभु गिरधर नागर (श्रीकृष्ण) हैं, उन्हीं के प्रेम के रंग में पूरी तरह से भीग जाओ।

(ख) सत गुरु की महिमा अनँत, अनँत किया उपगार । लोचन अनंत उघाड़िया, अनंत दिखावनहार ।

उत्तर:

प्रसंग: प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘कबीर साखी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता संत कबीरदास जी हैं। इसमें गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है।

व्याख्या: कबीरदास जी कहते हैं कि सच्चे गुरु की महिमा अनंत है, उसका कोई पार नहीं है। गुरु ने मुझ पर अनंत उपकार किए हैं। उन्होंने मेरे ज्ञान के अनंत नेत्रों को खोल दिया है, जिससे मुझे उस अनंत (ईश्वर) के दर्शन हो गए हैं। भाव यह है कि गुरु ही शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं।

4

‘छोटा जादूगर’ शीर्षक कहानी के संदेश को स्पष्ट करो । (4)

उत्तर: ‘छोटा जादूगर’ कहानी का संदेश यह है कि मनुष्य को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी स्वाभिमान, साहस और अपनी जिम्मेदारियों से मुँह नहीं मोड़ना चाहिए। यह कहानी एक छोटे बच्चे के माध्यम से दिखाती है कि उम्र छोटी होने के बावजूद वह अपनी बीमार माँ के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता है और किसी के आगे हाथ फैलाने के बजाय मेहनत करके पैसे कमाता है। यह हमें सिखाती है कि परिश्रम, आत्मनिर्भरता और मातृभक्ति जैसे गुण ही व्यक्ति को महान बनाते हैं।
5

(क) निम्नलिखित में से किन्हीं दो मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो : (1×2=2)
नौ-दो ग्यारह होना ; अपने पाँवों पर खड़ा होना ; घोड़ा बेचकर सोना ; दंग रह जाना

उत्तर:

नौ-दो ग्यारह होना: पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गया।

अपने पाँवों पर खड़ा होना: पढ़ाई पूरी करके रमेश अब अपने पाँवों पर खड़ा होना चाहता है।

(ख) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के लिंग-परिवर्तन करो : (½×4=2)
शिक्षक ; कवि ; महिला ; श्रीमान ; नायिका ; धोबी ; बन्दर

उत्तर:

शिक्षक – शिक्षिका

कवि – कवयित्री

श्रीमान – श्रीमती

धोबी – धोबिन

(ग) निम्नलिखित में से किन्हीं दो की संधि करो : (1×2=2)
उत् + लास ; जगत् + नाथ ; इति + आदि ; देव + ऋषि

उत्तर:

उत् + लास = उल्लास

जगत् + नाथ = जगन्नाथ

(घ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के बहुवचन-रूप बनाओ : (½×4=2)
वस्तु ; नारी ; दवा ; लड़का ; पुस्तक ; घड़ी

उत्तर:

वस्तु – वस्तुएँ

नारी – नारियाँ

दवा – दवाएँ

पुस्तक – पुस्तकें

(ङ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के एक-एक पर्यायवाची शब्द लिखो : (½×4=2)
कपड़ा ; पर्बत ; सरस्वती ; नदी ; आकाश ; घर ; बिजली

उत्तर:

कपड़ा – वस्त्र

पर्बत – पहाड़

नदी – सरिता

आकाश – गगन

(च) निम्नलिखित उपसर्गों और प्रत्ययों को जोड़कर एक-एक शब्द बनाओ: (किन्हीं चार) (½×4=2)
अधि ; परा ; अनु ; आई ; ता ; पन

उत्तर:

अधि + कार = अधिकार

परा + जय = पराजय

लिख + आई = लिखाई

लड़क + पन = लड़कपन

(छ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के विपरीतार्थक शब्द दो : (½×4=2)
निंदा ; स्थूल ; दोस्त ; विष ; धनी ; सौभाग्य ; कठिन

उत्तर:

निंदा – प्रशंसा

स्थूल – सूक्ष्म

विष – अमृत

धनी – निर्धन

(ज) निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करो : (1×2=2)
(i) आपका दर्शन हुआ ।
(ii) वह आज घर वापस नहीं लौटा है।
(iii) आप बाहर आइए ।
(iv) मैंने रोटी खाया है।

उत्तर:

(i) आपके दर्शन हुए।

(iv) मैंने रोटी खाई है।

GROUP-B (खण्ड-ख)

(पूर्णांक : 50)
6

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×5=5)

(क) महादेवी जी ने किसको नीलकंठ कहा है ?

उत्तर: महादेवी जी ने मोर को नीलकंठ कहा है।

(ख) “मयूर कलाप्रिय वीर पक्षी है, हिंसक मात्र नहीं ।” – इसका उदाहरण महादेवी जी ने क्या कहकर दिया है ?

उत्तर: इसका उदाहरण देते हुए महादेवी जी ने बताया कि नीलकंठ ने साँप के चंगुल से खरगोश के बच्चे को बचाया था, लेकिन अपनी चोंच के प्रहार से साँप के दो टुकड़े करने के बाद भी उसने खरगोश के बच्चे को कोई हानि नहीं पहुँचाई।

(ग) महादेवी जी ने किसके लिये ‘बड़े मियाँ’ शब्दों का प्रयोग किया है ?

उत्तर: महादेवी जी ने चिड़िया बेचने वाले दुकानदार के लिए ‘बड़े मियाँ’ शब्दों का प्रयोग किया है।

(घ) नरेन्द्र शर्मा द्वारा रचित पाठ्य कविता का नाम लिखो ।

उत्तर: नरेन्द्र शर्मा द्वारा रचित पाठ्य कविता का नाम ‘कायर मत बन’ है।

(ङ) कवि ने किसे ठोकर मारने की बात कही है ?

उत्तर: कवि ने रास्ते में आने वाली बाधाओं और मुश्किलों (पथ के काँटों) को ठोकर मारने की बात कही है।
7

अधोअंकित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×8=16)

(क) अपने प्रिय तारों के टूटने पर अम्बर क्यों शोक नहीं मनाता है ?

उत्तर: अम्बर अपने प्रिय तारों के टूटने पर इसलिए शोक नहीं मनाता क्योंकि वह जानता है कि यह सृष्टि का नियम है। वह बीते हुए पर शोक करने के बजाय वर्तमान और भविष्य की ओर देखता है।

(ख) ‘जो बीत गयी’ कविता का क्या संदेश है ?

उत्तर: ‘जो बीत गयी’ कविता का संदेश है कि हमें अतीत के दुखों और नुकसान पर शोक नहीं करना चाहिए। जो बीत गया, उसे भूलकर हमें वर्तमान में जीना चाहिए और भविष्य की ओर आशा से देखना चाहिए।

(ग) कवि ने कायरता को प्रतिहिंसा से अधिक अपवित्र क्यों कहा है ?

उत्तर: कवि ने कायरता को प्रतिहिंसा से अधिक अपवित्र इसलिए कहा है क्योंकि प्रतिहिंसा में व्यक्ति कम से कम अपनी शक्ति का प्रदर्शन तो करता है, जबकि कायर व्यक्ति बिना लड़े ही हार मान लेता है और आत्मसमर्पण कर देता है, जो मनुष्यता का अपमान है।

(घ) ‘युद्धं देहि कहे जब पामर, दे न दुहाई पीठ फेर कर !’ – यहाँ कवि क्या कहना चाहते हैं ?

उत्तर: यहाँ कवि कहना चाहते हैं कि जब कोई दुष्ट व्यक्ति तुम्हें युद्ध के लिए ललकारे, तो उससे दया की भीख मत मांगो और न ही डरकर पीठ दिखाकर भागो, बल्कि पूरी शक्ति से उसका मुकाबला करो।

(ङ) सत्य का सही तोल क्या है ? ‘कायर मत बन’ कविता के आधार पर स्पष्ट करो ।

उत्तर: ‘कायर मत बन’ कविता के अनुसार, सत्य का सही तोल यह है कि या तो तुम किसी का रास्ता रोको मत, और अगर रोको तो फिर सिंह की तरह दहाड़ कर उसका सामना करो, कायरों की तरह समर्पण मत करो।

(च) चिड़ियावाले के चरित्र की किन्हीं दो विशेषताएँ लिखो ।

उत्तर: चिड़ियावाले (बड़े मियाँ) के चरित्र की दो विशेषताएँ हैं:
1. वाचालता: वह बहुत बातूनी था और उसकी बातें किसी एक्सप्रेस ट्रेन की तरह चलती थीं।
2. व्यावसायिकता: वह अपने व्यवसाय में चतुर था और जानता था कि ग्राहकों को कैसे अपनी बातों से प्रभावित करना है।

(छ) नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे को साँप के चंगुल से कैसे बचाया था ?

उत्तर: नीलकंठ ने साँप को अपने पंजों से दबाया और फिर अपनी चोंच से इतने प्रहार किए कि साँप अधमरा हो गया। जब साँप की पकड़ ढीली पड़ गई तो खरगोश का बच्चा उसके मुँह से निकल आया।

(ज) जाली के बड़े घर में रहनेवाले जीव-जन्तुओं के आचरण की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करो ।

उत्तर: जाली के बड़े घर में रहने वाले जीव-जंतुओं के आचरण की दो विशेषताएँ थीं:
1. सामंजस्य: नीलकंठ के आने से पहले सभी जीव-जंतु मिल-जुलकर रहते थे।
2. नेतृत्व का अनुसरण: जब नीलकंठ आया, तो वह सभी का संरक्षक और शासक बन गया और सभी जीव-जंतु उसके नेतृत्व में शांति से रहते थे।
8

नीलकंठ की मृत्यु के पश्चात् महादेवी जी ने उसका अंतिम संस्कार कैसे किया है – स्पष्ट करो । (5)

उत्तर: नीलकंठ की मृत्यु के पश्चात् महादेवी जी ने उसका अंतिम संस्कार बड़े सम्मान और स्नेह के साथ किया। उन्होंने उसे अपनी शॉल में लपेटकर संगम ले गईं। वहाँ उन्होंने गंगा की बीच धार में उसे प्रवाहित कर दिया। उसके पंखों से बनी इंद्रधनुषी चादर जब जल पर फैली तो ऐसा लगा मानो गंगा का नीला जल एक क्षण के लिए सतरंगी हो गया हो। इस प्रकार उन्होंने अपने प्रिय पक्षी को प्रकृति की गोद में ही विलीन कर दिया।
9

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबंध लिखो : (8)

(घ) महात्मा गाँधी

उत्तर:

प्रस्तावना:

महात्मा गाँधी, जिन्हें भारत “राष्ट्रपिता” के रूप में जानता है, केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। वे सत्य, अहिंसा और शांति के पुजारी थे, जिन्होंने बिना शस्त्र उठाए भारत को ब्रिटिश शासन की गुलामी से मुक्त कराया।

जीवन परिचय:

गाँधीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वकालत की पढ़ाई के लिए वे इंग्लैंड गए और बाद में दक्षिण अफ्रीका में काम किया। वहाँ उन्होंने रंगभेद की नीति के खिलाफ ‘सत्याग्रह’ का पहला सफल प्रयोग किया। 1915 में भारत लौटने के बाद उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व संभाला।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान:

गाँधीजी ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन (नमक सत्याग्रह) और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोया और आम जनता को स्वतंत्रता की लड़ाई में शामिल किया। उनका ‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ का सिद्धांत उनके संघर्ष का सबसे बड़ा हथियार था, जिसने शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

विचार और सिद्धांत:

गाँधीजी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने छुआछूत, गरीबी और धार्मिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने ‘सर्वोदय’ (सबका उदय) और ‘ग्राम स्वराज्य’ का सपना देखा। उनका मानना था कि सच्चा भारत गाँवों में बसता है और देश का विकास गाँवों के विकास से ही संभव है।

उपसंहार:

महात्मा गाँधी आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके सत्य, अहिंसा और शांति के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने हमें सिखाया कि सबसे बड़ी लड़ाई भी प्रेम और शांति से जीती जा सकती है। उनका जीवन और उनके विचार हमें हमेशा एक बेहतर इंसान और एक बेहतर समाज बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

10

बरसात के समय विद्यालय की श्रेणी-कक्षा में खिड़कियों से पानी आकर भर जाता है, जिसके कारण श्रेणियाँ रद्द कर दी जाती हैं। इसकी शिकायत दर्ज करने हेतु विद्यालय के प्रधान शिक्षक अथवा प्रधान शिक्षिका के नाम पर उनकी मरम्मत के लिये एक प्रार्थना पत्र लिखो । (5)

उत्तर:
दिनांक: [आज की तारीख]
सेवा में,
श्रीमान प्रधान शिक्षक महोदय,
[अपने विद्यालय का नाम],
[विद्यालय का पता],
[शहर का नाम]।
विषय: कक्षा की खिड़कियों की मरम्मत हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि हम कक्षा दसवीं के छात्र हैं। हमारी कक्षा की खिड़कियों के शीशे कई जगहों से टूटे हुए हैं। इस कारण बरसात के समय बारिश का पानी सीधा कक्षा के अंदर आ जाता है, जिससे पूरी कक्षा में पानी भर जाता है।
पानी भरने के कारण हमें बैठने में असुविधा होती है, हमारी किताबें और कापियाँ भीग जाती हैं और पढ़ाई में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है। कई बार इस वजह से कक्षाएं भी रद्द करनी पड़ती हैं, जिससे हमारा पाठ्यक्रम पिछड़ रहा है।
अतः, आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया हमारी कक्षा की खिड़कियों की शीघ्र-अति-शीघ्र मरम्मत करवाने की कृपा करें, ताकि हमारी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
आपकी इस कृपा के लिए हम सभी छात्र आपके आभारी रहेंगे।
धन्यवाद।

आपके आज्ञाकारी छात्र,
कक्षा – X के समस्त छात्र
दिनांक: [आज की तारीख]
11

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दो :

(क) उपर्युक्त गद्यांश का एक सार्थक शीर्षक दो । (1)

उत्तर: उपर्युक्त गद्यांश का सार्थक शीर्षक “साक्षरता का महत्व” है।

(ख) साक्षरता का अर्थ क्या है ? (1)

उत्तर: साक्षरता का अर्थ है अक्षर-ज्ञान।

(ग) साक्षरता से क्या-क्या लाभ मिलते हैं ? (2)

उत्तर: साक्षरता से मनुष्य को ज्ञान की ताकत मिलती है, जिससे वह अधूरा नहीं रहता। साक्षर व्यक्ति पत्र, सूचना और समाचार-पत्र पढ़कर दुनिया का हाल जान सकता है और उसे खुशी मिलती है।

(घ) निरक्षर व्यक्ति दुःखी क्यों होते हैं ? (1)

उत्तर: निरक्षर व्यक्ति दुःखी इसलिए होते हैं क्योंकि वे समाज पर निर्भर होकर पग-पग पर कठिनाइयों का सामना करते हैं।

(ङ) पूर्ण साक्षरता के उपाय क्या-क्या हैं ? (1)

उत्तर: पूर्ण साक्षरता के उपाय हैं – बड़े-बूढ़े भी पढ़ें, समाज की नई पीढ़ी सेवा-भाव से निरक्षरों को पढ़ाए और बच्चों को अवश्य स्कूल भेजा जाए।
12

निम्नलिखित वाक्यों का अनुवाद हिन्दी में करो : (1×5=5)

(a) Hindi is the official language of India.

उत्तर: हिन्दी भारत की राजभाषा है।

(b) It is also regarded as the national language of the country.

उत्तर: इसे देश की राष्ट्रभाषा भी माना जाता है।

(c) It is spoken by a large number of people of India.

उत्तर: यह भारत के बहुत सारे लोगों द्वारा बोली जाती है।

(d) Hindi is a simple and rich language.

उत्तर: हिन्दी एक सरल और समृद्ध भाषा है।

(e) I can speak Hindi very well.

उत्तर: मैं बहुत अच्छी हिन्दी बोल सकता हूँ।

© Solved Question Paper 2023 | Complete Hindi Solutions

For educational purposes only

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