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HSLC HINDI (E) 2024 – Full Question Paper with Detailed Answers

📚 Complete Solved Hindi Question Paper 2024

Full Hindi Question Paper with Detailed Answers

GROUP—A (खण्ड—क)

(पूर्णांक : 50)
1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×4=4)

(क) सधुक्कड़ी भाषा में किसने कविता लिखी थी?

उत्तर: कबीरदास जी ने सधुक्कड़ी भाषा में कविता लिखी थी।

(ख) सुंदर सृष्टि हमेशा क्या खोजती है?

उत्तर: सुंदर सृष्टि हमेशा बलिदान खोजती है।

(ग) छोटा जादूगर अपनी जीविका के पैसे से क्या खाना चाहता है?

उत्तर: छोटा जादूगर अपनी जीविका के पैसे से शरबत पीकर और पकौड़ी खाकर अपनी भूख मिटाना चाहता है।

(घ) मीराँबाई किसकी आराधना करती थीं?

उत्तर: मीराँबाई भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं।
2

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×9=18)

(क) श्रीमान ने छोटे जादूगर को पहली भेंट में किस रूप में देखा था?

उत्तर: श्रीमान ने छोटे जादूगर को पहली भेंट में कार्निवाल के मैदान में एक शरबत पीने वाले लड़के के रूप में देखा था, जिसके गले में फटे कुर्ते के ऊपर एक मोटी-सी सूत की रस्सी पड़ी थी और मुँह पर गंभीर विषाद के साथ धैर्य की रेखा थी।

(ख) श्रीमान ने झोंपड़ी के भीतर क्या देखा था?

उत्तर: श्रीमान ने झोंपड़ी के भीतर एक स्त्री को चिथड़ों से लदी हुई काँपते हुए देखा। वह स्त्री छोटे जादूगर की माँ थी जो अपनी अंतिम साँसें गिन रही थी।

(ग) “आप हैं वैरागी; दफ्तरों के रीति-रिवाज नहीं जानते!” यहाँ कौन-सी बात कही गई है?

उत्तर: यहाँ नारद द्वारा भोलाराम की पेंशन के मामले में सीधे बड़े साहब से मिलने की बात पर व्यंग्य किया गया है। इसका आशय यह है कि सरकारी दफ्तरों में काम करवाने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें रिश्वत (वजन) की भी भूमिका होती है, जिसे वैरागी (साधु-संत) नहीं जानते।

(घ) गृहहीन व्यक्ति के पैरों की आहट सुनने पर सड़क को क्या बोध होता है?

उत्तर: गृहहीन व्यक्ति के पैरों की आहट सुनने पर सड़क को ऐसा लगता है मानो कोई उसके हृदय पर हथौड़े से चोट कर रहा हो। उसे उस व्यक्ति की पीड़ा और बेबसी का गहरा एहसास होता है।

(ङ) “यह सबसे बड़ा देवत्व है।” यहाँ ‘सबसे बड़ा देवत्व’ किसे कहा गया है, स्पष्ट करो।

उत्तर: यहाँ ‘सबसे बड़ा देवत्व’ मनुष्य द्वारा किए जाने वाले पुरुषार्थ को कहा गया है। कवि के अनुसार, विपत्ति में किसी से दया की भीख न मांगकर, संघर्ष करते हुए अपना मार्ग स्वयं बनाना ही सबसे बड़ा देवत्व है।

(च) कलम विचारों के अंगारे कैसे पैदा करती है?

उत्तर: कलम जब समाज में व्याप्त अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध लिखती है, तो वह लोगों के दिलों में क्रांति की ज्वाला भड़का देती है। इस प्रकार, कलम अपने लेखन के माध्यम से विचारों के अंगारे पैदा करती है जो परिवर्तन का कारण बनते हैं।

(छ) कलम और तलवार में से किसकी शक्ति अधिक है? सतर्क उत्तर दो।

उत्तर: कलम और तलवार दोनों ही शक्तिशाली हैं, लेकिन कलम की शक्ति अधिक स्थायी और व्यापक होती है। तलवार केवल शरीर पर शासन करती है, जबकि कलम विचारों और हृदयों पर राज करती है, जिससे बड़े-बड़े साम्राज्य भी बदल जाते हैं। इसलिए, कलम की शक्ति तलवार से अधिक है।

(ज) यमदूत ने भोलाराम के जीव के लापता होने के बारे में क्या बताया?

उत्तर: यमदूत ने बताया कि भोलाराम का जीव उसके चंगुल से छूटकर कहीं गायब हो गया। उसने पूरी पृथ्वी छान मारी, पर वह कहीं नहीं मिला, जैसे कोई उसे धोखा दे गया हो।

(झ) “मुझे दिन-रात यही संताप सताता रहता है।” यहाँ सड़क किस संताप की ओर इशारा कर रही है, स्पष्ट करो।

उत्तर: यहाँ सड़क इस संताप की ओर इशारा कर रही है कि वह लोगों की अधूरी कहानियों और उनके जीवन के अधूरे हिस्सों को जानने के लिए तरसती रहती है। लोग अपनी बातें अधूरी छोड़कर चले जाते हैं और सड़क को कभी कहानी का अंत पता नहीं चल पाता, यही उसका संताप है।
3

‘नींव की ईंट’ पाठ के संदेश को रेखांकित करो। (4)

उत्तर: ‘नींव की ईंट’ पाठ का संदेश यह है कि समाज और देश की वास्तविक प्रगति उन गुमनाम नायकों के मौन बलिदान पर टिकी होती है जो प्रशंसा या प्रसिद्धि की इच्छा के बिना चुपचाप अपना कर्तव्य निभाते हैं। जिस तरह एक इमारत की मजबूती नींव की उन ईंटों पर निर्भर करती है जो जमीन में दबकर अपना अस्तित्व मिटा देती हैं, उसी तरह एक महान राष्ट्र का निर्माण उन निस्वार्थ कार्यकर्ताओं और शहीदों के त्याग पर होता है। यह पाठ हमें सिखाता है कि दिखावे और बाहरी चमक-दमक से अधिक महत्वपूर्ण वह मौन और ठोस योगदान है जो नींव को मजबूत करता है।
4

निम्नलिखित अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या करो : (4×2=8)

(क) गुरु कुम्हार सिष कुंभ है, गढ़ि-गढ़ि काढ़े खोट। अन्तर हाथ सहार दे, बाहर बाहै चोट ।।

उत्तर:

प्रसंग: प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्यपुस्तक के ‘कबीर साखी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता संत कबीरदास जी हैं। इसमें उन्होंने गुरु और शिष्य के संबंध को कुम्हार और घड़े के माध्यम से स्पष्ट किया है।

व्याख्या: कबीरदास जी कहते हैं कि गुरु एक कुम्हार के समान है और शिष्य एक कच्चे घड़े (कुंभ) की तरह है। जिस प्रकार कुम्हार घड़े को सुंदर आकार देने के लिए उसके अंदर से हाथ का सहारा देता है और बाहर से थपथपा कर चोट करता है, उसी प्रकार गुरु भी शिष्य की कमियों और दोषों को दूर करने के लिए उसे अंदर से प्रेम और सहारा देता है और बाहर से कठोर अनुशासन में रखता है।

(ख) राम नाम रस पीजै मनुआँ, राम नाम रस पीजै। तज कुसंग सत्संग बैठ णित हरि चरचा सुण लीजै। काम क्रोध मद लोभ मोह कूँ, बहा चित्त सूँ दीजै। मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, ताहि के रंग में भीजै ॥

उत्तर:

प्रसंग: प्रस्तुत पद हमारी पाठ्यपुस्तक में संकलित ‘मीराँ के पद’ से लिया गया है। इसकी रचयिता कृष्ण-भक्त कवयित्री मीराँबाई हैं। इसमें वे मनुष्य को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दे रही हैं।

व्याख्या: मीराँबाई कहती हैं कि हे मनुष्य! तुम्हें राम नाम रूपी रस का पान करना चाहिए। इसके लिए बुरी संगति को त्यागकर सत्संग में बैठो और प्रतिदिन हरि की कथा सुनो। अपने मन से काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह जैसी बुराइयों को बहा दो (निकाल दो)। मीराँ कहती हैं कि मेरे तो प्रभु गिरधर नागर (श्रीकृष्ण) हैं, उन्हीं के प्रेम के रंग में पूरी तरह से भीग जाओ।

5

(क) निम्नलिखित में से किन्हीं दो मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो : (1×2=2)
घोड़े बेचकर सोना ; अँगूठा दिखाना ; हाथ-पैर मारना ; पेट में चूहे कूदना

उत्तर:

घोड़े बेचकर सोना: परीक्षा समाप्त होने के बाद रवि घोड़े बेचकर सो रहा है।

पेट में चूहे कूदना: सुबह से कुछ नहीं खाया, अब तो पेट में चूहे कूद रहे हैं।

(ख) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के लिंग-निर्णय करो : (½×4=2)
शरीर ; दाल ; नर कौवा ; पुलिस ; सौदागर ; दिमाग

उत्तर:

शरीर – पुल्लिंग

दाल – स्त्रीलिंग

पुलिस – स्त्रीलिंग

दिमाग – पुल्लिंग

(ग) निम्नलिखित में से किन्हीं दो की संधि करो : (1×2=2)
लोक + उक्ति ; सम् + वाद ; वयः + वृद्ध ; उप + ईक्षा

उत्तर:

लोक + उक्ति = लोकोक्ति

सम् + वाद = संवाद

(घ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के बहुवचन रूप बनाओ : (½×4=2)
डाकू ; किताब ; नदी ; साधु ; चेष्टा ; तिथि

उत्तर:

किताब – किताबें

नदी – नदियाँ

चेष्टा – चेष्टाएँ

तिथि – तिथियाँ

(ङ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के एक-एक पर्यायवाची शब्द लिखो : (½×4=2)
गणेश ; पथ ; आकाश ; दानव ; सुन्दर ; विधान

उत्तर:

गणेश – गजानन

पथ – मार्ग

आकाश – नभ

दानव – राक्षस

(च) निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखो (किन्हीं चार) : (½×4=2)
जो बहुत जानता है ; शक्ति का उपासक ; जिसके शेखर पर चंद्र हो ; जो कहा न जा सके ; वृष्टि का अभाव ; जो पीने योग्य हो ; मरण तक ; समान (एक ही) उदर से जन्म लेने वाला

उत्तर:

जो बहुत जानता है – बहुज्ञ

जिसके शेखर पर चंद्र हो – चंद्रशेखर

वृष्टि का अभाव – अनावृष्टि

जो पीने योग्य हो – पेय

(छ) निम्नलिखित में से किन्हीं चार के विपरीतार्थक शब्द दो : (½×4=2)
अधम ; अथ ; गणतंत्र ; कृतघ्न ; पतन ; सम्मान ; निर्धन

उत्तर:

अधम – उत्तम

अथ – इति

कृतघ्न – कृतज्ञ

पतन – उत्थान

(ज) निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो को शुद्ध करो : (1×2=2)
(i) पिता जी आप जाओ।
(ii) मैंने रोटियाँ खाई है।
(iii) आज सड़क में भारी भीड़ लगी है।

उत्तर:

(i) पिताजी, आप जाइए।

(iii) आज सड़क पर भारी भीड़ है।

GROUP-B (खण्ड-ख)

(पूर्णांक : 50)
6

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में दो : (1×5=5)

(क) ‘कायर मत बन’ शीर्षक कविता के कवि का नाम क्या है?

उत्तर: ‘कायर मत बन’ शीर्षक कविता के कवि का नाम नरेन्द्र शर्मा है।

(ख) ‘ले-दे कर जीना, क्या जीना है’ — यहाँ कवि ने ‘ले-दे’ का प्रयोग किस अर्थ में किया है?

उत्तर: यहाँ कवि ने ‘ले-दे कर जीना’ का प्रयोग ‘समझौता करके जीने’ के अर्थ में किया है।

(ग) बड़े मियाँ के भाषण की तुलना लेखिका ने किससे की है?

उत्तर: बड़े मियाँ के भाषण की तुलना लेखिका ने किसी एक्सप्रेस ट्रेन से की है।

(घ) विश्व डाक-संघ ने पत्र-लेखन की प्रतियोगिता कब से शुरू की थी?

उत्तर: विश्व डाक-संघ ने पत्र-लेखन की प्रतियोगिता 1972 से शुरू की थी।

(ङ) मयूर किसका युद्ध-वाहन है?

उत्तर: मयूर भगवान कार्तिकेय का युद्ध-वाहन है।
7

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दो : (2×8=16)

(क) ‘जो बीत गयी’ कविता में कवि ने अम्बर के आनन को देखने की सलाह क्यों दी है?

उत्तर: कवि ने अम्बर के आनन को देखने की सलाह इसलिए दी है क्योंकि अम्बर अपने टूटे हुए तारों पर कभी शोक नहीं मनाता। वह हमें सिखाता है कि जो नष्ट हो गया, उस पर दुख करने के बजाय जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।

(ख) कच्चा पीने वाला क्यों कभी रोता-चिल्लाता नहीं है?

उत्तर: ‘जो बीत गयी’ कविता के अनुसार, कच्चा पीने वाला (अनुभवहीन व्यक्ति) कभी रोता-चिल्लाता नहीं है क्योंकि वह मधुशाला के नियमों से अपरिचित होता है। वह अपनी नादानी में मस्त रहता है और उसे नुकसान का एहसास नहीं होता।

(ग) कवि की दृष्टि में सत्य का सही तोल क्या है?

उत्तर: ‘कायर मत बन’ कविता के अनुसार, कवि की दृष्टि में सत्य का सही तोल यह है कि या तो किसी के रास्ते में बाधा मत बनो, और यदि बनो तो फिर पूरी शक्ति से उसका सामना करो, कायरों की तरह समझौता मत करो।

(घ) किस प्रसंग में कवि ने पीठ न फेरने की बात कही है, स्पष्ट करो।

उत्तर: कवि ने उस प्रसंग में पीठ न फेरने की बात कही है जब कोई दुष्ट व्यक्ति (पामर) तुम्हें युद्ध के लिए ललकारे। ऐसे समय में दया की भीख मांगने या पीठ दिखाकर भागने के बजाय, उसका डटकर मुकाबला करना चाहिए।

(ङ) “राधा अब प्रतीक्षा में दुकेली है।” किस प्रसंग में यह बात कही गई है?

उत्तर: यह बात नीलकंठ की मृत्यु के बाद के प्रसंग में कही गई है। नीलकंठ के न रहने पर राधा कई दिनों तक उसकी प्रतीक्षा में बैठी रही। वह अब अकेली और उदास थी, मानो अपने साथी के लौटने का इंतजार कर रही हो।

(च) नीलकंठ के स्वभाव की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करो।

उत्तर: नीलकंठ के स्वभाव की दो विशेषताएँ हैं:
1. संरक्षक: वह जालीघर के सभी जीव-जंतुओं का संरक्षक था और किसी भी खतरे से उनकी रक्षा करता था।
2. कलाप्रिय और वीर: वह एक कलाप्रिय पक्षी था जो वर्षा में नृत्य करता था, लेकिन साथ ही वह एक वीर योद्धा भी था, जैसा कि उसने साँप से खरगोश के बच्चे को बचाकर सिद्ध किया।

(छ) नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे को साँप के चंगुल से कैसे बचाया था?

उत्तर: नीलकंठ ने साँप को अपने पंजों से दबाया और फिर अपनी चोंच से इतने प्रहार किए कि साँप अधमरा हो गया। जब साँप की पकड़ ढीली पड़ गई तो खरगोश का बच्चा उसके मुँह से निकल आया और इस तरह उसकी जान बच गई।

(ज) मृत्यु के पश्चात् महादेवी ने नीलकंठ का संस्कार कैसे किया था?

उत्तर: नीलकंठ की मृत्यु के पश्चात् महादेवी जी ने उसे अपनी शॉल में लपेटकर संगम ले गईं और वहाँ गंगा की बीच धार में उसे प्रवाहित कर दिया, जो उसके प्रति उनके गहरे स्नेह और सम्मान का प्रतीक था।
8

(क) “वास्तव में पत्र किसी दस्तावेज से कम नहीं है।” यह कैसे ? सतर्क उत्तर दो। (5)

उत्तर: यह कथन पूर्णतः सत्य है कि पत्र किसी दस्तावेज़ से कम नहीं है। पत्र केवल व्यक्तिगत भावनाओं का आदान-प्रदान नहीं करते, बल्कि वे ऐतिहासिक, सामाजिक और साहित्यिक महत्व भी रखते हैं। उदाहरण के लिए, पंत के दो सौ पत्र बच्चन के नाम और निराला के पत्र हमको लिख्यौ है कहा, तथा पत्रों के आईने में दयानंद सरस्वती जैसी किताबें इसका प्रमाण हैं। इन पत्रों से उस समय के समाज, साहित्य और व्यक्तियों के विचारों की प्रामाणिक जानकारी मिलती है। महात्मा गाँधी के पास दुनिया भर से आए पत्र केवल ‘महात्मा गाँधी-इंडिया’ पते पर पहुँच जाते थे, जो स्वयं में एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ है। ये पत्र भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत का काम करते हैं, इसलिए वे किसी दस्तावेज़ से कम नहीं हैं।

(ख) “मयूर कलाप्रिय वीर पक्षी है, हिंसक मात्र नहीं।” इस कथन के आशय को अपनी भाषा में लिखो।

उत्तर: इस कथन का आशय यह है कि मोर स्वभाव से सुंदर और कला का प्रेमी है, लेकिन वह केवल अपनी सुंदरता के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि वह एक बहादुर योद्धा भी है। ‘कलाप्रिय’ होने का अर्थ है कि वह बादलों को देखकर अपने पंख फैलाकर आनंद से नृत्य करता है, जो उसके सौंदर्य-बोध को दर्शाता है। वहीं, ‘वीर पक्षी’ होने का अर्थ है कि वह अपने साथी जीवों की रक्षा के लिए किसी भी हिंसक प्राणी से भिड़ सकता है। लेखिका ने इसका उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नीलकंठ ने साँप जैसे खतरनाक जीव से खरगोश के बच्चे की रक्षा की, लेकिन उसे बचाने के बाद खरगोश को कोई हानि नहीं पहुँचाई। इससे सिद्ध होता है कि वह वीर है, पर अनावश्यक हिंसा नहीं करता।
9

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखो : (8)

(ख) असम का जातीय उत्सव : बिहु

उत्तर:

प्रस्तावना:

भारत त्योहारों का देश है, जहाँ हर राज्य की अपनी अनूठी संस्कृति और परंपरा है। असम का प्रमुख जातीय उत्सव ‘बिहु’ है, जो असमिया संस्कृति और जीवन शैली का दर्पण है। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि असम के लोगों की आत्मा का उत्सव है, जो प्रकृति और कृषि से गहराई से जुड़ा हुआ है।

बिहु के प्रकार:

बिहु साल में तीन बार मनाया जाता है, जो कृषि के विभिन्न चरणों का प्रतीक है:

बोहाग बिहु (रोंगाली बिहु): यह अप्रैल के मध्य में मनाया जाता है और असमिया नव वर्ष का प्रतीक है। यह वसंत के आगमन और खेती के नए चक्र की शुरुआत का उत्सव है। इसे ‘रोंगाली’ यानी ‘रंग और आनंद’ का बिहु भी कहते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, बिहु नृत्य करते हैं, और पीठा, लारू जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं।

काति बिहु (कंगाली बिहु): यह अक्टूबर में मनाया जाता है। इस समय धान के खेत बढ़ रहे होते हैं और अन्न भंडार खाली होते हैं। इसलिए इसे ‘कंगाली’ यानी ‘गरीबी’ का बिहु कहते हैं। इस दिन लोग खेतों में और तुलसी के पौधे के नीचे दीये जलाकर अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं।

माघ बिहु (भोगाली बिहु): यह जनवरी में फसल कटाई के बाद मनाया जाता है। ‘भोग’ का अर्थ है भोजन और आनंद। लोग ‘भेलाघर’ (घास-फूस से बने अस्थायी घर) बनाते हैं और सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं। अलाव जलाकर उसके चारों ओर नृत्य और गान होता है।

बिहु का महत्व:

बिहु असम के लोगों के लिए एकता, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। यह त्योहार धर्म और जाति के बंधनों से परे है और सभी लोग इसे मिलकर मनाते हैं। बिहु नृत्य और बिहु गीत असमिया लोक संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते रहे हैं।

उपसंहार:

बिहु असम की जीवंत संस्कृति और प्रकृति के साथ उसके अटूट संबंध का उत्सव है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी कृषि परंपराओं का सम्मान करना चाहिए और जीवन के हर चरण का आनंद और उत्साह के साथ स्वागत करना चाहिए। यह वास्तव में असम की पहचान और गौरव है।

10

अपने नगर अथवा महानगर की अनियमित बिजली-आपूर्ति की समस्या को दर्शाते हुए किसी प्रसिद्ध अखबार के सम्पादक के नाम पर एक पत्र लिखो। (5)

उत्तर:
दिनांक: (आज की तारीख)
सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
गुवाहाटी, असम।
विषय: अनियमित बिजली-आपूर्ति की समस्या के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से बिजली विभाग के अधिकारियों का ध्यान हमारे क्षेत्र (जैसे- चांदमारी) में हो रही अनियमित बिजली-आपूर्ति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
हमारे क्षेत्र में पिछले कई महीनों से बिजली की आपूर्ति अत्यंत अनियमित है। दिन में कई-कई घंटों तक बिजली कटौती की जाती है और यह कटौती कब होगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। शाम के समय बिजली चले जाने से बच्चों की पढ़ाई पर बहुत बुरा असर पड़ता है, क्योंकि आजकल बोर्ड की परीक्षाएँ निकट हैं। इसके अलावा, पानी की आपूर्ति भी बिजली पर ही निर्भर है, जिससे लोगों को पीने के पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
हमने इस संबंध में स्थानीय बिजली विभाग में कई बार शिकायत की है, परंतु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
अतः, मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है कि आप इस समस्या को अपने समाचार-पत्र में स्थान दें, ताकि संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो और वे इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाएँ।
धन्यवाद।

भवदीय,
(आपका नाम)
एक जागरूक नागरिक,
चांदमारी, गुवाहाटी
दिनांक: (आज की तारीख)
11

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो :

(क) हमारे समाज की समस्याएँ क्या-क्या हैं? (1)

उत्तर: हमारे समाज की समस्याएँ हैं – कम उम्र में विवाह (बाल विवाह), जात-पात और छुआछूत (स्पृश्य-अस्पृश्यता)।

(ख) हमारे समाज के लिए दुर्भाग्य तथा कमजोरी की बातें क्या-क्या हैं? (2)

उत्तर: हमारे समाज के लिए दुर्भाग्य और कमजोरी की बात यह है कि यहाँ कम उम्र की बालिकाओं का विवाह वृद्धों से कर दिया जाता है और जात-पात तथा छुआछूत जैसी समस्याएँ आज भी जड़ें जमाए हुए हैं।

(ग) हमारी सरकार ने समस्याओं को दूर करने हेतु क्या काम किया है? (1)

उत्तर: हमारी सरकार ने कानून द्वारा अस्पृश्यता (छुआछूत) को अवैध घोषित कर दिया है।

(घ) हमारे नवयुवकों से क्या उम्मीद की जाती है? (1)

उत्तर: हमारे नवयुवकों से यह उम्मीद की जाती है कि वे अस्पृश्यों की दशा सुधारने और उन्हें समाज में समान अधिकार दिलाने के लिए बहुत कार्य करेंगे।

(ङ) उपर्युक्त गद्यांश का एक सार्थक शीर्षक दो। (1)

उत्तर: उपर्युक्त गद्यांश का एक सार्थक शीर्षक “सामाजिक कुरीतियाँ और समाधान” हो सकता है।
12

निम्नलिखित वाक्यों का अनुवाद हिन्दी में करो : (1×5=5)

(क) I can play football.

उत्तर: मैं फुटबॉल खेल सकता हूँ।

(ख) I like this dress; but I have no money to buy it.

उत्तर: मुझे यह पोशाक पसंद है; लेकिन मेरे पास इसे खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं।

(ग) Rohit did not do well in the test.

उत्तर: रोहित ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया।

(घ) Can you tell a new story today?

उत्तर: क्या तुम आज एक नई कहानी सुना सकते हो?

(ङ) We can travel by a bus, train or an aeroplane.

उत्तर: हम बस, ट्रेन या हवाई जहाज से यात्रा कर सकते हैं।

📖 Complete Solved Hindi Question Paper 2024

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